शहरी प्रशासन (Urban Administration)
"शहरी प्रशासन" (Urban Administration) में हम यह समझगे कि शहरों और नगरों का शासन कैसे कार्य करता है। शहरी प्रशासन यह सुनिश्चित करता है कि नगर निगमों और नगरपालिकाओं के माध्यम से शहरी क्षेत्रों की देख रेख हो।
नगरपालिकाएँ और नगर निगम
भारत में शहरी क्षेत्रों का प्रशासन दो प्रकार के निकायों द्वारा किया जाता है:नगरपालिकाएँ: यह छोटे नगरों का प्रबंधन करती हैं।
नगर निगम: यह बड़े शहरों का प्रशासन करती हैं।
कार्य और जिम्मेदारियाँ
नगरपालिकाएँ: छोटे शहरों का प्रशासन करती हैं और जल आपूर्ति, सड़कें, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करती हैं।
नगर निगम: बड़े शहरों का प्रशासन संभालती हैं और यातायात प्रबंधन, कचरा निपटान और सार्वजनिक सेवाओं जैसे बड़े मुद्दों का समाधान करती हैं।
नगर निगम की संरचना
नगर निगम की संरचना में कई महत्वपूर्ण पद होते हैं:- महापौर: नगर निगम का प्रमुख और नगर परिषद का नेता होता है।
- नगर आयुक्त: राज्य सरकार द्वारा नियुक्त, यह अधिकारी नगर का दैनिक प्रशासन संभालता है।
- वार्ड पार्षद: यह प्रत्येक वार्ड (क्षेत्र) से चुने गए प्रतिनिधि होते हैं, जो जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- समितियाँ: नगर निगम कई समितियों के माध्यम से काम करती है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे जैसे कार्यों की देखरेख करती हैं।
शहरी प्रशासन के कार्य
शहरी निकायों के प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:- जल आपूर्ति: साफ़ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- कचरा प्रबंधन: कचरे को एकत्रित और निपटाने की व्यवस्था करना।
- सड़क प्रकाश: सड़कों पर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करना।
- सड़कें और बुनियादी ढाँचा: सड़कों, पुलों और परिवहन की सुविधाएँ उपलब्ध कराना।
- शिक्षा: स्कूलों का प्रबंधन और शिक्षा की सुलभता सुनिश्चित करना।
- स्वास्थ्य सेवाएँ: अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन करना।
राजस्व के स्रोत
नगरपालिकाएँ और नगर निगम अपने राजस्व को कई स्रोतों से प्राप्त करते हैं:- कर: संपत्ति कर, जल कर और मनोरंजन कर।
- राज्य सरकार से अनुदान: राज्य सरकारें भी स्थानीय निकायों को वित्तीय सहायता देती हैं।
- शुल्क और दरें: जैसे पार्किंग शुल्क, बाजार शुल्क और भवन निर्माण परमिट के लिए शुल्क।
शहरी प्रशासन की चुनौतियाँ:
शहरीकरण के कारण शहरों में अधिक जनसंख्या की समस्या होती है। जिसके कारण शहरी प्रशाशन को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता हैं।
- कचरा प्रबंधन: कचरे का पर्यावरण के अनुकूल निपटान एक बड़ी चुनौती है।
- बुनियादी ढाँचा विकास: बढ़ती जनसंख्या के अनुरूप बुनियादी ढाँचे का विकास एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
- यातायात प्रबंधन: शहरों में वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात प्रबंधन की चुनौती बढ़ गई है।
अतिरिक्त जानकारी
स्मार्ट सिटीज मिशन: भारत सरकार ने शहरी क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता सुधारने, बुनियादी ढाँचे के विकास को बढ़ावा देने और प्रशासन में तकनीक के उपयोग को बढ़ाने के लिए स्मार्ट सिटीज मिशन की शुरुआत की है।
स्वच्छ भारत मिशन: यह मिशन शहरी स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए शुरू किया गया है, जो शहरी क्षेत्रों में सफाई और स्वच्छता सुनिश्चित करता है।
MCQs
1. नगर निगम में महापौर की मुख्य भूमिका क्या है?
a) दैनिक प्रशासन
b) कानून प्रवर्तन
c) औपचारिक प्रमुख
d) कर संग्रह
उत्तर: c) औपचारिक प्रमुख
2.नगर निगम मुख्यतः किस क्षेत्र का प्रशासन करते हैं?
a) ग्रामीण क्षेत्र
b) छोटे नगर
c) बड़े शहर
d) गाँव
उत्तर: c) बड़े शहर
3.निम्नलिखित में से कौन सा शहरी निकायों का कार्य नहीं है?
a) कचरा प्रबंधन
b) सड़क प्रकाश व्यवस्था
c) सड़क निर्माण और रखरखाव
d) रक्षा और सुरक्षा
उत्तर: d) रक्षा और सुरक्षा
4.नगर निगम में वार्ड पार्षद कैसे चुने जाते हैं?
a) सरकार द्वारा नियुक्त
b) वार्ड के निवासियों द्वारा चुने जाते हैं
c) महापौर द्वारा नियुक्त
d) राजनीतिक दलों द्वारा नामांकित
उत्तर: b) वार्ड के निवासियों द्वारा चुने जाते हैं
5.नगर आयुक्त की भूमिका क्या होती है?
a) निर्वाचित प्रतिनिधि
b) शहर का दैनिक प्रशासन
c) कर संग्रह
d) नगर निगम का औपचारिक प्रमुख
उत्तर: b) शहर का दैनिक प्रशासन
6.शहरी प्रशासन द्वारा सामना की जाने वाली प्रमुख चुनौती कौन सी है?
a) पार्षदों की कमी
b) अतिव्याप्ति
c) जल निकायों की कमी
d) शिक्षा सुविधाएँ
उत्तर: b) अतिव्याप्ति
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