ग्रामीण आजीविका Rural Livelihood
कक्षा 6 की NCERT राजनीतिक विज्ञान की पुस्तक का ग्रामीण आजीविका अध्याय में ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों द्वारा की जाने वाली विभिन्न प्रकार की आजीविकाओं के बारे में जानकारी देता है। इसमें यह बताया गया है कि ग्रामीण लोग किस प्रकार के काम करते हैं, वे किन चुनौतियों का सामना करते हैं और कैसे अपनी आजीविका चलाते हैं।ग्रामीण आजीविका की समझ
भारत के ग्रामीण क्षेत्र संस्कृति, भूगोल और आजीविका के मामले में काफी विविध हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका मुख्य रूप से कृषि, पशुपालन, मछली पालन, हस्तशिल्प, और मौसमी श्रम पर आधारित होती है।1. कृषि: प्रमुख आजीविका स्रोत
कृषि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका का सबसे सामान्य स्रोत है। अधिकांश किसान अपनी जमीन पर काम करते हैं या दूसरों की जमीन पर मजदूरी करते हैं।
किसानों के प्रकार:
छोटे किसान: छोटे किसान आमतौर पर 2 हेक्टेयर से कम जमीन के मालिक होते हैं और उन्हें जल की कमी, सीमित तकनीक और बाजार की पहुंच जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
भूमिहीन मजदूर: ये लोग अपनी जमीन के मालिक नहीं होते हैं और दैनिक मजदूरी पर निर्भर होते हैं, अक्सर बेहतर अवसरों के लिए शहरों की ओर पलायन करते हैं।
बड़े जमींदार: ये किसान बड़ी जमीन के मालिक होते हैं और आधुनिक मशीनों का उपयोग करते हैं। ये किसान फसल उगाने के लिए मजदूरों को काम पर रखते हैं।
2. अन्य आजीविका के विकल्प
पशुपालन: पशुओं जैसे गाय, बकरी, मुर्गी, भैंसों का पालन आम बात है। दूध, अंडे और अन्य उत्पादों की बिक्री से परिवार की आय में योगदान मिलता है।
मछली पालन: तटीय क्षेत्रों और नदियों के पास मछली पालन एक महत्वपूर्ण आजीविका है। मछलियों की बिक्री से आय होती है।
हस्तशिल्प: ग्रामीण क्षेत्रों में मिट्टी के बर्तन, बुनाई, और वस्त्र उत्पादन जैसे हस्तशिल्प का महत्वपूर्ण योगदान होता है। कई परिवार अपने हस्तनिर्मित उत्पादों को स्थानीय और शहरी बाजारों में बेचकर आजीविका कमाते हैं।
ग्रामीण आजीविका की चुनौतियाँ
1. मौसमी रोजगार- कृषि का काम मौसमी होता है—यह बारिश और फसल के चक्र पर निर्भर करता है। फसल कटाई के मौसम में कई किसानों के पास काम नहीं होता है।
- इसलिए कई ग्रामीण श्रमिक शहरों में अस्थायी काम की तलाश में पलायन करते हैं और खेती के मौसम में गांव लौट आते हैं।
- सभी किसानों के पास अपनी जमीन नहीं होती है। भूमिहीन मजदूर दैनिक मजदूरी पर निर्भर होते हैं जो अक्सर कम और अस्थिर होती है।
- भूमि वितरण में असमानता: बड़े जमींदारों के पास अधिकांश फसल उत्पादन की क्षमता होती है जबकि छोटे किसान अपने परिवार के लिए पर्याप्त उत्पादन करने में भी संघर्ष करते हैं।
ग्रामीण आजीविका के लिए सरकारी पहल
ग्रामीण आजीविका को समर्थन देने के लिए भारत सरकार ने विभिन्न योजनाएं और नीतियां शुरू की हैं। इनमें से कुछ प्रमुख योजनाएं इस प्रकार हैं:1. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) यह कानून ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष 100 दिनों का मजदूरी रोजगार गारंटी प्रदान करता है। इसका उद्देश्य आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार करना है।
2. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) यह पहल स्व-रोजगार को बढ़ावा देने और ग्रामीण गरीबों की आजीविका को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। इसमें स्वयं सहायता समूह (SHGs) के माध्यम से सहायता प्रदान की जाती है।
3. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना यह योजना किसानों को बीज, उर्वरक और अन्य आवश्यक खेती सामग्री खरीदने के लिए ऋण प्रदान करती है ताकि वे अपनी फसल को बेहतर तरीके से उगा सकें।
4. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) यह योजना जल संरक्षण, सिंचाई विकास और जलग्रहण प्रबंधन को बढ़ावा देती है ताकि फसलों के लिए उचित सिंचाई सुनिश्चित की जा सके।
निष्कर्ष
ग्रामीण आजीविका अध्याय ग्रामीण भारत में आजीविका के विविध स्वरूपों पर प्रकाश डालता है। हालांकि कृषि अधिकांश लोगों के लिए मुख्य स्रोत है, अन्य गतिविधियों जैसे मछली पालन, पशुपालन, और हस्तशिल्प का भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। MGNREGA और NRLM जैसी सरकारी योजनाएं ग्रामीण गरीबों के जीवन स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं, क्रेडिट तक पहुंच सुनिश्चित कर रही हैं, और स्व-रोजगार को बढ़ावा दे रही हैं।MCQs
1. निम्नलिखित में से कौन सा ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका का सबसे सामान्य स्रोत है?
a) पशुपालन
b) हस्तशिल्प
c) मछली पालन
d) कृषि
उत्तर: d) कृषि
2.MGNREGA ग्रामीण परिवारों को क्या गारंटी देता है?
b) हस्तशिल्प
c) मछली पालन
d) कृषि
उत्तर: d) कृषि
2.MGNREGA ग्रामीण परिवारों को क्या गारंटी देता है?
a) एक साल के लिए मुफ्त भोजन
b) प्रति वर्ष 100 दिनों का मजदूरी रोजगार
c) कृषि उद्देश्यों के लिए ऋण
d) सभी ग्रामीण परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा
उत्तर: b) प्रति वर्ष 100 दिनों का मजदूरी रोजगार
3.छोटे किसानों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य चुनौती क्या है?
b) प्रति वर्ष 100 दिनों का मजदूरी रोजगार
c) कृषि उद्देश्यों के लिए ऋण
d) सभी ग्रामीण परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा
उत्तर: b) प्रति वर्ष 100 दिनों का मजदूरी रोजगार
3.छोटे किसानों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य चुनौती क्या है?
a) फसलों का अधिक उत्पादन
b) आधुनिक मशीनों की कमी
c) अतिरिक्त जल आपूर्ति
d) फसल उत्पादन पर सरकारी प्रतिबंध
उत्तर: b) आधुनिक मशीनों की कमी
4.निम्नलिखित में से कौन सा कृषि के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका का एक विकल्प है?
b) आधुनिक मशीनों की कमी
c) अतिरिक्त जल आपूर्ति
d) फसल उत्पादन पर सरकारी प्रतिबंध
उत्तर: b) आधुनिक मशीनों की कमी
4.निम्नलिखित में से कौन सा कृषि के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका का एक विकल्प है?
a) आईटी क्षेत्र की नौकरियाँ
b) फैक्टरी का काम
c) मछली पालन
d) खुदरा व्यापार
उत्तर: c) मछली पालन
5.किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना का उद्देश्य क्या है?
b) फैक्टरी का काम
c) मछली पालन
d) खुदरा व्यापार
उत्तर: c) मछली पालन
5.किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना का उद्देश्य क्या है?
a) ट्रैक्टर खरीदने के लिए ऋण प्रदान करना
b) फसल बीमा सुनिश्चित करना
c) कृषि जरूरतों के लिए क्रेडिट प्रदान करना
d) भूमिहीन मजदूरों के लिए रोजगार प्रदान करना
उत्तर: c) कृषि जरूरतों के लिए क्रेडिट प्रदान करना
6. SHGs के माध्यम से ग्रामीण गरीबों के स्व-रोजगार पर ध्यान केंद्रित करने वाली कौन सी सरकारी योजना है?
b) फसल बीमा सुनिश्चित करना
c) कृषि जरूरतों के लिए क्रेडिट प्रदान करना
d) भूमिहीन मजदूरों के लिए रोजगार प्रदान करना
उत्तर: c) कृषि जरूरतों के लिए क्रेडिट प्रदान करना
6. SHGs के माध्यम से ग्रामीण गरीबों के स्व-रोजगार पर ध्यान केंद्रित करने वाली कौन सी सरकारी योजना है?
a) MGNREGA
b) NRLM
c) PMKSY
d) स्वच्छ भारत अभियान
उत्तर: b) NRLM
b) NRLM
c) PMKSY
d) स्वच्छ भारत अभियान
उत्तर: b) NRLM
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